9 August 2015

DOSTI NA MASSAGE MATE UPAYOGI.

"Fir umido bhari SUBAH aayi hai
SURAJ ko sath layi hai
Hamari dosti ka ye asar to dekho
ki Hawaye bhi aapko
Good Morning Kehne aayi hai."

हम दोस्तों सें इतना प्यार करते है
ये ,,देखकर दुश्मन भी कहते है कि काश हम
भी इनके दोस्त होते.

Aap se door ho kar hum jayenge kaha,
Aap jaisa dost hum payenge kaha,
Dil ko kaise bhi sambhal lenge,
Par aankho ke aansu hum chupayege kaha...

"काश.....,
दोस्त सुबह नींद से जागें और मुझसे लड़ने आए,
कि तुम कौन होते हो मेरे सपनो में आने वाले...।"

सबकी जिंदगी बदल गयी
एक नए सिरे में ढल गयी

कोई gilfriend में busy है
कोई बीवी के पीछे crazy हैं

किसी को नौकरी से फुरसत नहीं
किसी को दोस्तों की जरुरत नहीं

कोई पढने में डूबा है तो
किसी की दो दो महबूबा हैं

सारे यार गुम हो गये हैं
तू से आप और तुम हो गये हैं

कोई hello बोल कर formality करता हैं
कोई बात न करने के लिए guilty करता हैं

वक़्त वक़्त की बात है:

किसी ने number save नहीं किया
किसी ने अजनबी सा behave किया

माना के अब हम साथ नहीं हैं
पर चुप चुप रहने की भी कोई बात तो नहीं है

कभी मिलो तो बोल लिया करो
बंद गांठो को खोल लिया करो

शिकायत हो तो दूर करो यारो
पर एक दूसरे से दूर तो न रहो ..

इस दोस्ती को युँ ही बनाये रखना
दिल में यादों के चिराग जलाये रखना

बहुत प्यारा सफ़र रहा है यारों अपना, इसे बस यूँ ही हमेशा
बनाये रखना...

दोस्ती से कीमती कोई जागीर नही होती;
दोस्ती से खूबसूर्त कोई तस्वीर नही होती;
दोस्ती यूँ तो कचा धागा है मगर;
इस धागे से मजबूत कोई ज़ंजीर नही होती!

छोटे से दील में गम बहुत हैं,
जींदगी में हर पल मीलते जख्म बहुत हैं,
मार देती कब की ये दुनिया,
मगर
"दोस्तों की दुआ" में बहुत दम है.....

कभी  झगड़ा, कभी  मस्ती,
कभी  आँसू , कभी  हंसी ,
छोटा सा पल  छोटी -छोटी खुशी
एक  प्यार की कश्ती और
ढेर सारी  मस्ती
बस इसी का नाम तो है दोस्ती l

"कुछ खोये बिना हमने पाया है,
कुछ मांगे बिना हमें मिला है,
नाज़ है हमें अपनी तक़दीर पर
जिसने आप जैसे दोस्तो से मिलाया है."

काश फिर मिलने की वजह मिल जाए
साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए,
चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें,
क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए..
मौसम को जो महका दे उसे
'इत्र' कहते हैं
जीवन को जो महका दे उसे ही 'मित्र' कहते है l
क्यूँ मुश्किलों में साथ देते हैं दोस्त
क्यूँ गम को बाँट लेते हैं दोस्त
न रिश्ता खून का न रिवाज से बंधा है
फिर भी ज़िन्दगी भर साथ देते हैं दोस्त.

आपकी दोस्ती हमारे सुरों का साज है,

आप जैसे दोस्त पर हमें नाज़ है,

चाहे कुछ भी हो जाये जिंदगी में,

दोस्ती कल भी वैसी ही रहेगी,
जैसी आज है.

नहीं बन जाता कोई अपना
...... यूँ ही दिल लगाने से,
करनी पड़ती है दुआ,
...सच्ता दोस्त पाने के लिए रब से,
रखना संभालकर ये याराना अपना,
टूट ना जाए ये किसी के बहकाने से

Hey 'मित्र'
You r so 'विचित्र',
I can't draw ur 'चित्र',
But i like ur 'चरित्र',
Ur heart is so 'पवित्र',
That's y u r my 'बेष्ट मित्र'
I LOVE U MY 'मित्र'.

अगर बिकी तेरी दोस्ती...
तो पहले ख़रीददार हम होंगे..!
तुझे ख़बर न होगी तेरी क़ीमत ..
पर तुझे पाकर सबसे अमीर हम होंगे..!!
दोस्त साथ हो तो रोने में भी शान है..
दोस्त ना हो तो महफिल भी समशान है!

सारा खेल दोस्ती का है ऐ मेरे दोस्त,
वरना जनाजा और बारात एक ही समान है !! ....


मैने कहा खुदा से, क्या खूब दोस्त मिले है...
क्या खूब मैनें, किस्मत पाई है,
खुदा ने कहा हंसकर,"संभाल कर रख इसे...
ये मेरी पसंद है...
जो तेरे हिस्से में आई है....!

" क्यूँ  मुश्किलों  में  साथ  देते  हैं  दोस्त
क्यूँ  गम  को  बाँट  लेते  हैं  दोस्त
न  रिश्ता  खून  का  न  रिवाज  से  बंधा  है
फिर  भी  ज़िन्दगी  भर  साथ  देते  हैं  दोस्त "

रहे सलामत ज़िंदगी उनकी,
जो मेरी ख़ुशी की फरियाद करते हैं;
ऐ खुदा उनकी ज़िंदगी खुशियों से भर दे,
जो दोस्त मुझे याद करने के लिए अपना एक पल बर्बाद करते हैं।


अपने सायें से भी ज्यादा यकीं मुझे तुझ पर है मेरे दोस्त,
क्युकीं अंधेरों में तू मिल जायेगा साया नहीं मिलेगा.

Viswas ki 1 dori hai dosti.
Viswas ke bina kori hai dosti.
Kabi thanx to kabi sorry hai dosti.
Na mano to kuch nhi.
Or mano to bhagwan ki bi kmjori hai dosti...

7 August 2015

“મનની સેલ્ફી”

“મનની સેલ્ફી”

મને એમ કે આ મન ખૂબ જ સુંદર છે ! 
અરે તે જ તો કહ્યું તું કે “તોરા મન દર્પણ કહેલાયે ..”
એટલે જ થયું ચાલ મનની સેલ્ફી લઉં ! 
પણ આ શું મનની સેલ્ફી લીધા પછી ....! 
અરે ..અપલોડ કરતા પહેલા ચકાસી જોયું !
તો....!
મન મનસ્વીપણાથી છલોછલ હતું !
દંભના દાવાનળથી દઝાયેલુ લાગતું હતું !
ઉમળકો તો હતો પણ શુષ્ક શુષ્ક !! જે સતત ચાડી ખાતો હતો !
ગર્વ પર ઘમંડનો મેકઅપ સાફ સાફ દેખાઈ આવતો હતો !
અજાણતા કરેલા અપરાધનો ભય ઉપસેલો હોય એવો ભાસ થતો હતો !
ઋજુતાભરી સરિતાનો પટ સાવ કોરોકટ હતો !
લાગણી મોહની માયાજાળનો ભોગ બનેલી દેખાઈ !
બણબણ કરતી હતી અદેખાઈની બગઈ !
ક્રોધ સતત ઉકળી રહ્યો હતો !
ભ્રમનો ભમરો ગુંજારવ કરવાને બદલે અટ્ટ હાસ્ય કરતો હતો !
ષડયંત્રનો આતંકી મનની વાડમાં ઘૂસવાની ફિરાકમાં હતો !
ઓહ ! નો !....આટલું ઝેર ભર્યું છે આ મનમાં ?
નથી અપલોડ કરવી દોષથી ભરેલા કહેવાતા સુંદર “મનની સેલ્ફી”
ને મીચાઈ ગઈ આંખો !

4 August 2015

B.A., B.COM. PRAVESH START FROM BAOU.

AAJANU PANCHANG

🌺पंचांग🌺 दिनांक ४//८/२०१५     संवत २०७१ आषाढ  कृष्णपक्ष                           तिथि: ५ पंचमी वार:मंगलवार
नक्षत्र : उत्तराभाद्रप्रदा
  राशि:   मीन राशि 👏जय गणेश👏

12 ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा


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"" भगवान शिव की भक्ति का महीना सावन शुरू हो चुका है। शिवमहापुराण के अनुसार एकमात्र भगवान शिव ही ऐसे देवता हैं, जो निष्कल व सकल दोनों हैं। यही कारण है कि एकमात्र शिव का पूजन लिंग व मूर्ति दोनों रूपों में किया जाता है। भारत में 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं। इन सभी का अपना महत्व व महिमा है।

ऐसी मान्यता भी है कि सावन के महीने में यदि भगवान शिव के ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए जाएं तो जन्म-जन्म के कष्ट दूर हो जाते हैं। यही कारण है कि सावन के महीने में भारत के प्रमुख 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। आज हम आपको बता रहे हैं इन 12 ज्योतिर्लिंगों का महत्व व महिमा-""

1- सोमनाथ

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भारत का ही नहीं अपितु इस पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर के बारे में मान्यता है, कि जब चंद्रमा को दक्ष प्रजापति ने श्राप दिया था, तब चंद्रमा ने इसी स्थान पर तप कर इस श्राप से मुक्ति पाई थी। ऐसा भी कहा जाता है कि इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं चन्द्र देव ने की थी। विदेशी आक्रमणों के कारण यह 17 बार नष्ट हो चुका है। हर बार यह बिगड़ता और बनता रहा है।

2- मल्लिकार्जुन

यह ज्योतिर्लिंग आन्ध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर का महत्व भगवान शिव के कैलाश पर्वत के समान कहा गया है। अनेक धार्मिक शास्त्र इसके धार्मिक और पौराणिक महत्व की व्याख्या करते हैं।

कहते हैं कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से ही व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिलती है। एक पौराणिक कथा के अनुसार जहां पर यह ज्योतिर्लिंग है, उस पर्वत पर आकर शिव का पूजन करने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होते हैं।

3- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

यह ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी कही जाने वाली उज्जैन नगरी में स्थित है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विशेषता है कि ये एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन सुबह की जाने वाली भस्मारती विश्व भर में प्रसिद्ध है। महाकालेश्वर की पूजा विशेष रूप से आयु वृद्धि और आयु पर आए हुए संकट को टालने के लिए की जाती है। उज्जैनवासी मानते हैं कि भगवान महाकालेश्वर ही उनके राजा हैं और वे ही उज्जैन की रक्षा कर रहे हैं।

4- ओंकारेश्वर

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शहर इंदौर के समीप स्थित है। जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग स्थित है, उस स्थान पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी बहने से यहां ऊं का आकार बनता है। ऊं शब्द की उत्पति ब्रह्मा के मुख से हुई है। इसलिए किसी भी धार्मिक शास्त्र या वेदों का पाठ ऊं के साथ ही किया जाता है। यह ज्योतिर्लिंग औंकार अर्थात ऊं का आकार लिए हुए है, इस कारण इसे ओंकारेश्वर नाम से जाना जाता है।

5- केदारनाथ

केदारनाथ स्थित ज्योतिर्लिंग भी भगवान शिव के 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में आता है। यह उत्तराखंड में स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ के मार्ग में स्थित है। केदारनाथ समुद्र तल से 3584 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। केदारनाथ का वर्णन स्कन्द पुराण एवं शिव पुराण में भी मिलता है। यह तीर्थ भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। जिस प्रकार कैलाश का महत्व है उसी प्रकार का महत्व शिव जी ने केदार क्षेत्र को भी दिया है।

6- भीमाशंकर

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के विषय में मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा से इस मंदिर का दर्शन प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलने के बाद करता है, उसके सात जन्मों के पाप दूर हो जाते हैं तथा उसके लिए स्वर्ग के मार्ग खुल जाते हैं।

7- काशी विश्वनाथ

विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के काशी नामक स्थान पर स्थित है। काशी सभी धर्म स्थलों में सबसे अधिक महत्व रखती है। इसलिए सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व कहा गया है। इस स्थान की मान्यता है कि प्रलय आने पर भी यह स्थान बना रहेगा। इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेंगे और प्रलय के टल जाने पर काशी को उसके स्थान पर पुन: रख देंगे।

8- त्र्यंबकेश्वर

यह ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के करीब महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के सबसे अधिक निकट ब्रह्मागिरि नाम का पर्वत है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी शुरू होती है। भगवान शिव का एक नाम त्र्यंबकेश्वर भी है। कहा जाता है कि भगवान शिव को गौतम ऋषि और गोदावरी नदी के आग्रह पर यहां ज्योतिर्लिंग रूप में रहना पड़ा।

9- वैद्यनाथ

श्री वैद्यनाथ शिवलिंग का समस्त ज्योतिर्लिंगों की गणना में नौवां स्थान बताया गया है। भगवान श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का मन्दिर जिस स्थान पर अवस्थित है, उसे वैद्यनाथ धाम कहा जाता है। यह स्थान झारखंड राज्य (पूर्व में बिहार ) के देवघर जिला में पड़ता है।

10- नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

यह ज्योतिर्लिंग गुजरात के बाहरी क्षेत्र में द्वारिका स्थान में स्थित है। धर्म शास्त्रों में भगवान शिव नागों के देवता है और नागेश्वर का पूर्ण अर्थ नागों का ईश्वर है। भगवान शिव का एक अन्य नाम नागेश्वर भी है। द्वारका पुरी से भी नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी 17 मील की है। इस ज्योतिर्लिंग की महिमा में कहा गया है कि जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां दर्शन के लिए आता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।

11- रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग

यह ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु राज्य के रामनाथपुरं नामक स्थान में स्थित है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ यह स्थान हिंदुओं के चार धामों में से एक भी है। इस ज्योतिर्लिंग के विषय में यह मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान राम के द्वारा स्थापित होने के कारण ही इस ज्योतिर्लिंग को भगवान राम का नाम रामेश्वरम दिया गया है।

12- धृष्णेश्वर मन्दिर

घृष्णेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है। इसे घृसणेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त करते हैं। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगोंb hv में से यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा निर्मित एलोरा की प्रसिद्ध गुफाएं इस मंदिर के समीप स्थित हैं। यहीं पर श्री एकनाथजी गुरु व श्री जनार्दन महाराज की समाधि भी है।